आम्रपाली के घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट में जमा किए 266 करोड़ रुपये, अभी भी बहुत सारा है बकाया!

आम्रपाली के घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट में जमा किए 266 करोड़ रुपये, अभी भी बहुत सारा है बकाया!

आम्रपाली के घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट में जमा किए 266 करोड़ रुपये, अभी भी बहुत सारा है बकाया!

हाइलाइट्स:

  • आम्रपाली ग्रुप के घर खरीदार सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में पैसे जमा कर रहे हैं
  • वरिष्ठ वकील आर वेंकटरमणी ने बताया कि घर खरीदारों ने अपने बकाया में से 266 करोड़ रुपये खुद जमा किए हैं
  • आर वेंकटरमणी को सुप्रीम कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है
  • घर खरीदारों के अलावा बैंक और वित्तीय संस्थाओं ने ग्राहकों की तरफ से अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं

आम्रपाली ग्रुप के फंसे हुई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल देने के बाद घर खरीदारों ने बकाया पैसे जमा करने शुरू कर दिए हैं। आम्रपाली ग्रुप के घर खरीदार सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में पैसे जमा कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा किया जा सके।

जस्टिस यू यू ललित और अशोक भूषण की बेंच के सामने वरिष्ठ वकील आर वेंकटरमणी ने बताया कि घर खरीदारों ने अपने बकाया में से 266 करोड़ रुपये खुद जमा किए हैं। बता दें कि आर वेंकटरमणी को सुप्रीम कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। वेंकटरमणी ने बताया कि घर खरीदारों के अलावा बैंक और वित्तीय संस्थाओं ने ग्राहकों की तरफ से अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं, जो उनके होम लोन का हिस्सा है।

रिसीवर ने कोर्ट की बेंच को बताया कि वह अधिकतर घर खरीदारों से संपर्क नहीं कर सके, क्योंकि वह लोग एनसीआर से नहीं हैं। लेकिन उन्होंने कोर्ट को यह भरोसा दिलाया कि इस साल के अंत तक पूरी जानकारी जुटा लेंगे। रिसीवर ने बेंच से कहा- ‘अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों में घर खरीदारों के कुल 1603 लोन अकाउंट का पता चला है और अगर बैंक और वित्तीय संस्थान बाकी का पैसा रिलीज कर देते हैं तो कुल 1238 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं।’

इसे लेकर कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक को एक प्रस्ताव देते हुए ये पूछा था कि क्या रिजर्व बैंक आम्रपाली के प्रोजेक्ट को पूरा करने के मामले में फंड मुहैया कराने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है तो रिजर्व बैंक ने कहा कि यह बैंकों का फैसला है और किसी भी बैंक पर पैसे देने के लिए दवाब नहीं डाला जा सकता है।

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