वर्क फ्रॉम होम वालों के लिए घूमने का नया तरीका! अब राज्य इस तरह कर रहे हैं लोगों को अट्रैक्ट!

वर्क फ्रॉम होम वालों के लिए घूमने का नया तरीका! अब राज्य इस तरह कर रहे हैं लोगों को अट्रैक्ट!

कोरोना वायरस महामारी के बीच कई लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम से उन्हें फैमिली के साथ टाइम बिताने का मौका तो मिला है, लेकिन कई महीनों से घर पर रहने की वजह से लोग परेशान भी हो गए हैं। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा है, तो आप भी वीकेंड पर माइंड फ्रेश करने के लिए बाहर घूमने जा सकते हैं। दरअसल, अब कई राज्यों ने वर्क फ्रॉम होम वाले लोगों के लिए ट्यूरिज्म की खास व्यवस्था की है, जिससे आप काम के साथ साथ एक ट्रिप प्लान कर सकते हैं। 

जी हां, विभिन्न एजेंसियों ने भी बदलती परिस्थितियों पर ध्यान दिया है और इसके अनुसार ट्यूरिज्म के नीतियों को प्लान किया है। राजस्थान सरकार ने भी ‘Short Stay, Safe Stay’ के जरिए उन लोगों को आकर्षित किया है, जिसके माध्यम से आस-पास के राज्यों को वीकेंड पर ट्रिप प्लान की सुविधा दी जा रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से भी नई ट्यूरिज़्म पॉलिसी शुरू की गई है। राजस्थान सरकार द्वारा जनता के बीच विश्वास बहाल करने के लिए कई एस.ओ.पी लागू की जा रही है।

वहीं, कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण पर्यटन पर जोर दिया है, जिससे सोशल डिस्टेंजिंग का पालन भी किया जा सकता है। जहां उत्तराखंड सरकार ने ‘Workation’ प्रमोट किया है, जिससे उन लोगों को आकर्षित किया जा रहा है, जो घर बैठे काम कर रहे हैं। अब वो वाजियों के बीच काम कर सकते हैं और अपने घर से दूर भी रह सकते हैं, जिससे ना उनका काम डिस्टर्ब हुआ होगा और उन्हें ट्रिप का भी अवसर मिलेगा। वहीं मध्य प्रदेश पर्यटन ने कारवां पर्यटन शुरू किया है।

राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में ग्रामीण हस्तशिल्प उद्योगों के जरिए पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की नई पहलों में सबसे पहले से पर्यटक स्थलों को चिन्हित करके आवश्यक बुनियादी ढांचे को बेहतर रूप देकर और आवश्यक स्किल को विकसित करने पर पूरजोर ध्यान दिया जा रहा है। कोविड पर लगाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के कारण देशी और विदेशी यात्रियों पर प्रभाव पड़ेगा। राज्यों में स्थानीय पर्यटक पूल के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने के चलते बेहतरीन आकर्षणों जैसे पहाड़ों, तटों या रेगिस्तान के साथ और अधिक स्थानों को विकसित करने की आवश्यकता होगी, जो संबंधित राज्य का मामला हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *